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(4) ब्रह्म पुरीष या बम्पुलिस?

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पंकज खन्ना 9424810575 अगले/पिछले ब्लॉग पोस्ट: (1)  प्रस्तावना :  कुछ भी!  10/10/25 (2)  छोड़ने की कला ।17/10/25 (3)  Art of Leaving : वानप्रस्थ.12/11 (4)  बम पुलिस या बम्पुलिस ! 19/11           बम पुलिस/बम्पुलिस पिछली ब्लॉग पोस्ट में  Art of Leaving, वानप्रस्थ और त्याग के बारे में चर्चा की गई थी। आप और हम अच्छे से जानते हैं कि मनुष्य के लिए वानप्रस्थ, त्याग और संन्यास कितना कठिन है। मानव सिर्फ मलमूत्र का त्याग ही सहर्ष करता है! और इसके कुशल विसर्जन के लिए हजारों सालों से प्रयत्नशील है।  और हजारों साल के प्रयत्नों के बाद भी पूर्ण रुप से अब तक सफल नहीं हो पाया है। कोशिश जारी है और इसी संदर्भ में सन 2001 से दुनिया में World Toilet Day भी मनाया जा रहा है, जिसका एक टारगेट है: "End open defecation and provide access to sanitation and hygiene." भारत सरकार भी निश्चित ही इस दिशा में काफी अच्छा कार्य कर रही है।🙏 सोचा, आज 19 नवंबर 2025 को    World Toilet Day के अवसर पर पुराने   जमाने के  बम्पुलिस/बम पुलिस  ...

(3) वानप्रस्थ और Art of Leaving.

पंकज खन्ना 9424810575 अगले/पिछले ब्लॉग पोस्ट: (1)  प्रस्तावना :  कुछ भी!  10/10/25 (2)  छोड़ने की कला ।17/10/25 (3)  Art of Leaving : वानप्रस्थ.12/11 (4)  बम पुलिस या बम्पुलिस ! 19/11 पिछले अंक से जारी... जाबालोपनिषेद के अनुसार वानप्रस्थ आश्रम के मुख्य कर्तव्य हैं: आत्मिक उन्नति, मोह-माया का त्याग, संन्यास की तैयारी, तपस्या, स्वाध्याय, समाज सेवा,  और वैदिक ज्ञान का प्रचार। बहुत मुश्किल काम हैं ये तो! सांसारिक मोह तो हमारे देश में सर्वत्र व्याप्त प्रसिद्ध धनाढ्य आदरणीय बाबा लोगों से नहीं छूटा, हमसे क्या छूटेगा!? हम बस मोह माया में थोड़ी कमी कर दें तो वो भी हमारे लिए एक बहुत बड़ी सफलता होगी। हमें तो बस ये लगता है कि इस वानप्रस्थ के चरण में एक साधारण व्यक्ति राग-द्वेष से दूर रहकर, संतोषी भाव से, मस्त  रहते हुए ज्ञान और अनुभव का उपयोग समाज के मार्गदर्शन, आनंद और उत्थान के लिए कर सके तो शायद उसका जीवन कुछ हद तक सफल हो जाए। पिछले कुछ सालों से, वानप्रस्थ में प्रवेश के बाद से ही, यही कोशिश की जा रही है इन ब्लॉग्स के माध्यम से!🙏 वानप्रस्थ शब्द का मतलब है:...

(2) छोड़ने की कला!

पंकज खन्ना 9424810575 अगले/पिछले ब्लॉग पोस्ट: (1)  प्रस्तावना :  कुछ भी!  10/10/25 (2)  छोड़ने की कला ।17/10/25 (3)  Art of Leaving : वानप्रस्थ.12/11 (4)  बम पुलिस या बम्पुलिस ! 19/11 पिछले अंक से जारी... छोड़ने की कलाएं कई टाइप की हो सकती हैं। क्रमानुसार नीचे पढ़ें: (1) डामिस पिंचिस ने पिछला आर्टिकल पढ़ लिया है।और वो लगातार फोन कर रहा है। के रिया है कि वो तो बचपन से जानता है छोड़ने की कला! बोलता है कि अब उसके आर्केस्टा में इस कला का प्रदर्शन भी करेगा! पता नहीं उसके मन में छोड़ने की कला से क्या मतलब निकल रहा है। लेकिन असल में पिंचिस को पेचिस ( पेचिश, Dysentry) होती रहती है और वो छोड़ता रहता है! उसका तो ऐसा ही है कि  जब मन में आया महफिल में छोड़ दी और लोगों को बेहोश कर दिया। ये वाली छोड़ने की कला तो पिंचिस को ही मुबारक हो भिया! इनने तो Art of Living की जगह Fart of Living की कोचिंग शुरू की हुई है! छोड़ दो उसे और छोड़ने दो उसे! (2) छोड़ने की कला का दूसरा  मतलब घर, चौपाल, पार्लियामेंट, स्कूल,  कॉलेज, ऑफिस में बैठकर डींगे हांकना या लंबी लंबी फें...

(1) प्रस्तावना।

पंकज खन्ना 9424810575    अगले/पिछले ब्लॉग पोस्ट: (1) प्रस्तावना :  कुछ भी! 10/10/25 (2) छोड़ने की कला ।17/10/25 (3) Art of Leaving : वानप्रस्थ.12/11 (4) बम पुलिस या बम्पुलिस ! 19/11 अभी तक के हमारे सभी ब्लॉग (  तवा संगीत ,  रेल संगीत ,  साइकल संगीत ,  तवा भाजी ,  रेस कोर्स रोड इंदौर के पक्षी ,  Love Thy Numbers , Epeolatry , और  CAT-a-LOG ) थोड़े विषयात्मक हैं। उनमें थोड़ी बहुत इधर-उधर की बातें तो की जा सकती हैं और की भी जाती हैं। लेकिन विषय पर बने रहना पड़ता है। ऐसा नहीं है कि ऊपर लिखी इन ब्लॉग सीरीज में ' कुछ भी' या ' कुछ तो भी ' लिख दिया जाए। इंदौरी लोग इन वाक्यांश 'कुछ भी' या 'कुछ तो भी' का प्रयोग बहुतायत से कुछ ऐसे करते हैं: कोई लड़की अगर होनोलूलू टाइप की ड्रेस पहनकर, आत्मविश्वास और स्वेच्छा से  इठलाती हुई नमूदार हो जाए तो भले इंदौरी लोग ऐसी ड्रेस को देखकर शर्माते हुए एक दूसरे से बोलेंगे: कुछ तो भी पेन रक्खा है इनने, भिया यार! और बुरे इंदौरी कुछ तो भी गंदा बोलकर अपना असली चेहरा दिखा देते हैं। होटल या किसी फ्री पार्टी में खा...